सरगुजा रेप केस: 14 वर्षीय आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म का आरोपी तरुण जायसवाल पटना से गिरफ्तार, 5 हजार का था इनाम

अंबिकापुर, 06 अगस्त 2026। सरगुजा जिले में 14 वर्षीय आदिवासी नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी तरुण जायसवाल को पुलिस ने बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक दलों, सर्व आदिवासी समाज और ग्रामीणों की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
पुलिस जांच में पता चला कि फरार होने के दौरान आरोपी अपनी एक महिला मित्र के साथ था। सीसीटीवी फुटेज में दोनों साथ दिखाई दिए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर रखे। बुधवार रात महिला मित्र ने कुछ देर के लिए अपना मोबाइल ऑन किया, जिससे उसकी लोकेशन पटना में मिली। सरगुजा पुलिस ने तत्काल पटना पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया। आरोपी को अब सरगुजा लाया जा रहा है, जबकि महिला मित्र से भी पूछताछ की जा रही है।
बुधवार को ही सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने सरगुजा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रभावशाली होने के कारण आरोपी को जानबूझकर गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। मूसलाधार बारिश के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा। स्थिति को देखते हुए एसएसपी राजेश अग्रवाल स्वयं प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और गिरफ्तारी के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। आंदोलन स्थगित होने के कुछ घंटों बाद ही आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना सामने आ गई।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता आरोपी के घर पर काम करती थी। आरोप है कि 20 जुलाई को घर में कोई नहीं था, तभी आरोपी ने नाबालिग को अश्लील वीडियो दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। डरी-सहमी पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना बताई।
आरोप है कि घटना के बाद आरोपी पीड़िता के घर पहुंचा और बहाना बनाकर उसे दोबारा अपने साथ ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने परिवार को धमकाया। परिजनों का यह भी आरोप है कि मामला दबाने के लिए उन्हें रुपये देने का प्रयास किया गया। साथ ही थाने पहुंचने के बाद भी पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की, जिससे आरोपी को फरार होने का मौका मिल गया।
गिरफ्तारी से पहले पुलिस आरोपी की 12 बोर डबल बैरल बंदूक जब्त कर उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी थी। इसके अलावा उसकी चल-अचल संपत्ति की जांच और शासकीय भूमि पर किए गए कथित अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई भी प्रारंभ की गई थी।
अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने और अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
